Truecaller का नया AI फीचर नोटिफिकेशन के जरिए देगा अलर्ट, फ्रॉड मैसेज की हो सकेगी पहचान

नई दिल्ली: यूजर्स की जरूरतों से जुड़ी हर सर्विस में अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होने लगा है। यूजर्स की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल यूजर्स के लिए एक नया अनुभव है। हाल ही में, लोकप्रिय स्मार्टफोन एप्लिकेशन ट्रूकॉलर ने उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए ऐप में एक नया एआई-आधारित टूल पेश किया है।

फ्रॉड मैसेज पर सरेंडर की पहचान हो जाएगी

अगर आप भी अपने स्मार्टफोन में ट्रूकॉलर का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके काम आ सकती है। दरअसल Truecaller ने यूजर्स के लिए AI-बेस्ड SMS सिक्युरिटी फीचर पेश किया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स फ्रॉड मैसेज और सेंडर्स के जाल में फंसने से बच सकेंगे।

यह सुविधा किन उपयोगकर्ताओं के लिए उपयोगी है

कंपनी का कहना है कि एआई आधारित एसएमएस प्रोटेक्शन फीचर (ट्रूकॉलर फ्रॉड प्रोटेक्शन फीचर) सभी यूजर्स के लिए उपयोगी होगा, लेकिन आसानी से टारगेट किए जाने वाले यूजर सेगमेंट के लिए यह फीचर ज्यादा उपयोगी होगा। ऐसे उपयोगकर्ता जो धोखाधड़ी वाले संदेशों के प्रेषकों की पहचान करने में सक्षम नहीं हैं और धोखाधड़ी वाले व्यवसाय की आड़ में अपना विवरण साझा करते हैं, नई सुविधा उन्हें ऐसे घोटालों से बचने में मदद करेगी।

कैसे काम करेगा Truecaller का नया फीचर?

नया फीचर रेड नोटिफिकेशन के जरिए फ्रॉड मैसेज की पहचान कर यूजर्स को अलर्ट करेगा। फ्रॉड होने की स्थिति में ट्रूकॉलर यूजर्स को नोटिफिकेशन भेजेगा। इस नोटिफिकेशन के जरिए यूजर से कहा जाएगा कि वह मैसेज पर कोई एक्शन न लें। ट्रूकॉलर के नए फीचर (ट्रूकॉलर फ्रॉड प्रोटेक्शन फीचर) के तहत मिलने वाला नोटिफिकेशन तब तक स्क्रीन से नहीं हटेगा, जब तक कि इसे मैनुअली खारिज नहीं किया जाता।

यदि उपयोगकर्ता चेतावनी संदेश को याद करता है और गलती से धोखाधड़ी संदेश खोलता है, तो ट्रूकॉलर स्वचालित रूप से संदेश में लिंक को अक्षम कर देगा। हालाँकि, यदि उपयोगकर्ता स्वयं प्रेषक को सुरक्षित के रूप में चिह्नित करता है, तो लिंक केवल उसी स्थिति में खोला जा सकता है।

कौन से उपयोगकर्ता सेवा का उपयोग कर सकते हैं?

भारत में Android उपयोगकर्ता इस सेवा (Truecaller धोखाधड़ी संरक्षण सुविधा) का मुफ्त में उपयोग कर सकेंगे।