Reliance Industries: मुंकेश अंबानी का बड़ा फैसला, अभी नहीं होगा इस कारोबार का विलय, पहले किया था बड़े निवेश का ऐलान

Reliance Industries: देश के अरबपति मुकेश अंबानी की कंपनी Reliance Industries अपनी सब्सिडियरी कंपनी Reliance New Energy Limited (RNEL) का विलय नहीं करेगी, Reliance Industries ने रेगुलेटरी फाइलिंग में जानकारी दी कि Reliance Industries की योजना अब इस व्यवसाय का विलय नहीं करने की है। 

यह विकास 21 अप्रैल को आयोजित न्यू एनर्जी बिजनेस एंड इन्वेस्टमेंट स्ट्रक्चर पर समीक्षा बैठक के बाद आया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, जिसके पास तेल से लेकर टेलीकॉम तक का कारोबार है, ने अपनी फाइलिंग में दिखाया कि बोर्ड की बैठक में फैसला किया गया कि नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार आरएनईएल के तहत चलेगा।

मई में हुआ मर्जर का फैसला – 
पिछले साल मई के दौरान मुकेश अंबानी की कंपनी ने फैसला किया था कि न्यू एनर्जी (RNEL) का बिजनेस RIL के तहत होगा। इसका मतलब यह था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के तहत नई ऊर्जा और अन्य कार्यों के लिए किसी भी तरह का सौदा या चंदा जुटाया जाता था, लेकिन अब रिलायंस ने इस योजना से एक कदम पीछे हट लिया है। गौरतलब है कि RNEL Reliance Industries की सहायक कंपनी है।

मुकेश अंबानी ने बड़े निवेश की घोषणा की 
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 2021 में तेजी से स्वच्छ ऊर्जा उद्यम स्थापित करने की घोषणा की है। उन्होंने भविष्य में बड़े निवेश का ऐलान किया था। मुकेश अंबानी ने तीन साल में 75,000 करोड़ रुपए के निवेश की योजना बनाई थी। इसमें आरआईएल अगले तीन साल में न्यू एनर्जी में 60,000 करोड़ से अधिक और अन्य विभिन्न व्यवसायों में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

 

रिलायंस ने किया मुनाफा – 
भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2022-23 की मार्च तिमाही में 19,299 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। कंपनी ने एक साल पहले की अवधि की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक लाभ दर्ज किया।