यूपी बोर्ड की 10वीं टॉपर प्रियांशी ने कहा कि वह आईएएस अफसर बनना चाहती हैं। इसके लिए मैंने अपने लिए एक लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई शुरू की। जीवन में कठिनाइयाँ थीं। बाधाओं को खत्म कर दिया गया और आखिरकार उन्होंने सफलता दर्ज की। उन्होंने किसी भी तरह की कोचिंग या ट्यूशन नहीं लेने की बात भी कही है।

भाई ने पढ़ाया और टॉपर बने

इस मौके पर अपने दिनों को याद कर प्रियांशी सोनी भावुक हो जाती हैं। प्रियांशी जब 9 साल की थीं तब उनके पिता का देहांत हो गया था। फिर बड़े भाई शोभिद सोनी ने उसकी पढ़ाई का इंतजाम किया। शोभिद ज्वेलरी की दुकान चलाता है। प्रियांशी कहती हैं कि मैं सोशल मीडिया की शौकीन नहीं हूं। मैंने किसी भी सोशल मीडिया पर अपना अकाउंट नहीं बनाया है।