सूडान संकट: युद्धग्रस्त सूडान में भारतीयों को बाल नहीं झुकने देगी मोदी सरकार, बड़ी कार्रवाई

ऑपरेशन कावेरी: गृहयुद्ध का सामना कर रहे अफ्रीकी देश सूडान में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए सरकार ने ऑपरेशन कावेरी चलाया है। मोदी सरकार ने युद्धग्रस्त सूडान से भारतीयों को बचाने और उन्हें वतन वापस लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिसके तहत करीब 500 भारतीय आज सूडान के एक बंदरगाह पर पहुंचे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। 

उन्होंने लिखा कि सूडान में फंसे हमारे नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन कावेरी चल रहा है. लगभग 500 भारतीय सूडान बंदरगाह पहुंच गए हैं जबकि अन्य अभी भी रास्ते में हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आगे लिखा, हम सूडान में अपने नागरिकों की मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे विमान और जहाज उन्हें वापस लाने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर, फ्रांस ने निकासी अभियान के तहत हिंसाग्रस्त सूडान से 5 भारतीय नागरिकों सहित 28 देशों के नागरिकों को निकाला है।

फ्रांस ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

 

फ्रांसीसी राजनयिक सूत्रों ने बताया कि फ्रांसीसी वायु सेना ने अब तक पांच भारतीय नागरिकों को निकाल लिया है। इन भारतीयों को 28 से अधिक अन्य देशों के लोगों के साथ जिबूती में फ्रांसीसी सैन्य अड्डे पर लाया गया था। इससे पहले रविवार को, सऊदी अरब ने कहा कि उसने सूडान से कुछ भारतीयों सहित करीबी संबंधों और सहयोगियों वाले देशों के 66 नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है।

इससे पहले रविवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफ्रीकी देश से हिंसाग्रस्त सूडान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने की अपनी आकस्मिक योजना के तहत भारत ने जेद्दा के लिए उड़ान भरने के लिए दो सी-130जे सैन्य परिवहन विमान तैयार रखे हैं। साथ ही, इस क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण बंदरगाह पर एक भारतीय नौसेना के जहाज को तैनात किया गया है।

सूडान में अब तक 460 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह वर्तमान में सूडान में विभिन्न स्थानों पर मौजूद 3,000 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रही है। शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सूडान से भारतीयों की सुरक्षित निकासी के लिए आकस्मिक योजना तैयार करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि सूडान में पिछले 10 दिनों से सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच भीषण संघर्ष में 460 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.