समाजसेवी संगठन भी शिवभक्तों के सेवाभाव में जुटे

। सावन मास के पहले सोमवार को श्रद्धालु काशीपुराधिपति के खास शिव स्वरूप का दर्शन् करते है। पूरे देश में काशी में ही सावन माह के चारो सोमवार पर बाबा के विविध स्वरूप के दर्शन पूजन की परम्परा है। पहले सोमवार पर बाबा के इस स्वरूप की दो घंटे ही दर्शन का अवसर मिलता है।

बाबा के स्वर्णिम दरबार में सायंकाल होने वाली सप्तर्षि आरती के बाद शयन आरती तक इस स्वरूप के दर्शन होते हैं। सप्तर्षि आरती साढ़े आठ बजे समाप्त हो जाएगी। फिर रात्रि आठ बजे से 10 बजे शयन आरती आरंभ होने तक इन स्वरूपों के दर्शन होंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ कुलपति तिवारी के अनुसार सावन के दूसरे सोमवार पर शंकर-पार्वती की रजत प्रतिमा के दर्शन होंगे।

तीसरे सोमवार पर भगवान शिव अर्द्धनारीश्वर स्वरूप में दर्शन देंगे। अन्तिम सोमवार को रुद्राक्ष शृंगार होगा। चौथे सोमवार को शिव की चलरजत प्रतिमा विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृ़ह में स्थान लेती है। भगवान के विग्रह से गर्भगृह और मंदिर के मुख्य मंडप को रुद्राक्ष से सजाया जाता है। बताते चले, बीते वर्ष के 13 दिसंबर को वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ धाम के नव्य और भव्य विस्तारित रूप का उद्घाटन किया था और उसके बाद यह पहला सावन है जब देश भर से आये शिवभक्त और कांवड़िए बाबा दरबार में जलाभिषेक के लिए आ रहे हैं। बाबा के खास स्वरूप के बारे में जानकारी मिलने पर दर्शन के लिए लालायित है।

समाजसेवी संगठन भी शिवभक्तों के सेवाभाव में जुटे

सावन माह के पहले सोमवार को काशी के सामाजिक संगठन भी पूरे सेवा भाव से कावड़ियों को फलहार करा रहे हैं। बुलानाला चौराहे के समीप काशी इन्दू सेवा समिति तथा सुबह-ए-बनारस चाय क्लब ने शिवभक्तों में फलाहार वितरित किया। फलाहार वितरण की शुरुआत संस्था की अध्यक्षा कंचन तिवारी ने मंदिर में भगवान को भोग लगाकर की।

इसके बाद चाय क्लब के अध्यक्ष गोपाल जी सेठ और कंचन तिवारी ने अपने हाथों से श्री काशी विश्वनाथ दरबार के दर्शन को आये हुए दर्शनार्थियों को प्रसाद, फलाहार वितरण शुरू किया। कंचन तिवारी ने बताया कि संस्था विगत दो वर्षों से नर सेवा-नारायण सेवा को मूल मंत्र मानकर जन सेवा में लगी हुई है। समिति के महामंत्री विश्वनाथ तिवारी “मन्नू” ने दर्शनार्थियों का माल्यापर्ण करके स्वागत किया। कार्यक्रम में

प्रवीण तिवारी “गुड्डू”, गोपाल जी सेठ, सुशील मिश्रा, बचाउ लाल सोनी, राजेश केशरी, सत्यप्रकाश गुप्ता, शशि विश्वकर्मा, आलोक पांडे, सोमनाथ दीक्षित, श्याम जी, विजय पाण्डेय, सुभाष वर्मा आदि शामिल