वित्तमंत्री ने उन दावों को खारिज किया की सरकार ने महामारी के प्रभाव के बावजूद रोजगार सृजन के लिए कुछ नहीं किया

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को उन दावों को खारिज कर दिया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने कोविड महामारी के प्रभाव के बावजूद रोजगार सृजन के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा, मैं निश्चित रूप से हमारी सरकार द्वारा रोजगार सृजन के प्रयासों पर बोलना चाहूंगी। यह मत भूलिए कि महामारी के कारण विश्व स्तर पर स्थितियां बहुत अशांत थीं। इतने सारे देशों में बड़ी नौकरी छूटने की स्थिति थी, इसलिए यहां भी ऐसा ही हुआ, लेकिन आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से हमने विकास संबंधी कई घोषणाएं की थीं, जिससे महामारी के दौरान लोगों को मदद मिली।

केंद्रीय बजट 2022-23 में रोजगार सृजन के उपायों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, हम उन सभी की मदद कर रहे हैं, जिन्हें महामारी के दौरान नुकसान हुआ, लेकिन यह कहना सही नहीं है कि हमने रोजगार सृजन के लिए कुछ नहीं किया है।

अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा था कि पूंजी निवेश अपने गुणक प्रभाव के माध्यम से तेजी से और निरंतर आर्थिक पुनरुद्धार और समेकन की कुंजी है। पूंजी निवेश भी रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद करता है, बड़े उद्योगों और एमएसएमई से निर्मित इनपुट की बढ़ी हुई मांग को प्रेरित करता है, पेशेवरों से सेवाएं दिलाता है, और बेहतर कृषि-बुनियादी ढांचे के माध्यम से किसानों की मदद करता है।