लोकसभा में वित्त मंत्री ने वर्ष 2021-22 आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट को किया पेश

संसद के सेंट्रल हाल में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के दोनों सदनों को संबोधन के साथ ही बजट सत्र की शुरुआत हो गई। अपने अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति ने सरकार के काम-काज का उल्लेख किया। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 का आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश किया।

आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2022-23 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ग्रोथ 8 से 8.5 फीसदी रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष के 9.2 फीसदी के आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान से कम है। आर्थिक सर्वे रिपोर्ट राज्यसभा में 3.30 बजे पेश होने के बाद सार्वजनिक किया जाएगा। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पेश इस आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट से यह पता चलेगा कि कोरोना की दूसरी और तीसरी लहर के बीच देश ने किस तरह विकास किया है।

आर्थिक सर्वे रिपोर्ट को राज्यसभा में 3.30 बजे पेश होने के बाद देश के मुख्य आर्थिक सलाहाकार (सीईए) डॉ. वी अनंत नागेश्वरन 3.45 बजे यहां आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण से जुड़ी जानकारी देंगे। आम बजट से पहले आर्थिक सर्वे पेश किया जाता है। भारत का पहला आर्थिक सर्वे वित्त वर्ष 1950-51 में पेश किया गया था। साल 1964 तक यह बजट के साथ ही पेश किया जाता था, लेकिन बाद में इसे अलग से पेश किया जाने लगा।

आर्थिक सर्वे देश की अर्थव्यवस्था की सेहत का पूरा लेखा-जोखा होता है। वित्त मंत्री इस दस्तावेज के जरिए यह बताती है कि देश की अर्थव्यवस्था किस स्थिति में है। सरकार की योजनाएं कितनी तेजी से आगे बढ़ रही हैं, पूरे वित्त वर्ष के दौरान विकास का क्या ट्रेंड रहा, किस क्षेत्र में कितना निवेश हुआ और योजनाओं को किस तरह अमल में लाया गया। इस रिपोर्ट में सरकार की नीतियों की जानकारी भी होती है।