भारतीय सेना जिंदाबाद…सूडान से भारत लौट रहे लोगों ने लगाए नारे, 613 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया

सूडान में गृहयुद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन कावेरी’ के तहत भारतीयों को निकाला जा रहा है. सूडान से 613 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया है। सऊदी अरब के जेद्दा से बुधवार देर रात 367 नागरिकों का पहला जत्था नई दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचा। एयरपोर्ट पर लोगों ने ‘भारत माता की जय, भारतीय सेना जिंदाबाद, नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’ के नारे लगाए।

613 लोगों को भारत लाया गया

भारत लौटे 9 लोग तमिलनाडु के थे जो गुरुवार सुबह दिल्ली से चेन्नई पहुंचे. इसके अलावा 246 भारतीयों का दूसरा जत्था गुरुवार सुबह 10 बजकर 22 मिनट पर जेद्दा से मुंबई के लिए रवाना हो गया है. उन्हें IAF के C17 ग्लोबमास्टर द्वारा उड़ाया जा रहा है। सूडान से अब तक 1100 भारतीयों को समुद्र और हवाई मार्ग से सऊदी अरब लाया जा चुका है। बाकी लोगों को भी जल्द भारत लाया जाएगा। गृहयुद्ध से पहले, सूडान में भारतीयों की संख्या 4,000 से अधिक थी।

613 लोगों को भारत लाया गया

दिल्ली एयरपोर्ट पर सूडान से आई ज्योति ने कहा, ‘हमें नहीं पता था कि हममें से कौन बचेगा. हमने घरों को बम से उड़ाते देखा। ऑफिस के साथियों को बंदूक की नोंक पर बांधकर देखा। हम अपने साथ पैसे भी नहीं लाए, क्योंकि वहाँ की सेना हमें लूट सकती थी और मार सकती थी। कुछ लोगों ने कहा कि हमारी आंखों के सामने फायरिंग हो रही थी.

613 लोगों को भारत लाया गया

एक युवक ने बताया कि हमें खाना नहीं मिल रहा था। यह सिलसिला 2-3 दिनों तक चलता रहा। सूडान सशस्त्र बल के गुट आरएसएफ का तम्बू हमारी कंपनी के पास लगा हुआ था। सुबह सुरक्षा बल कंपनी में घुसे और हमें लूट लिया। उन्होंने हमें 8 घंटे तक बंधक बनाकर रखा। हमारे मोबाइल के पैसे ले लिए गए। इस बीच सूडान से भारत लौटी एक लड़की ने कहा- हम वहां कभी भी मारे जा सकते थे।

 

विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने गुरुवार को मिशन कावेरी की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद अपने लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजना और जल्द से जल्द भारत लाना है। सूडान में हालात बहुत खराब हैं, हम हर भारतीय को वहां से निकालेंगे. उन्होंने कहा कि वर्तमान में वहां 3500 भारतीय और 1000 भारतीय मूल के लोग फंसे हुए हैं।

मोहन क्वात्रा ने कहा कि भारतीय मूल के लोगों को वहां से निकालने की हर संभव कोशिश की जा रही है. क्वात्रा ने कहा कि भारतीयों को लाने के लिए आईएनएस तरकश भी पोर्ट सूडान पहुंच गया है।नौसेना के जहाज आईएनएस सुमेधा और भारतीय वायु सेना के सी-130 जे विमानों द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है।