बदरीनाथ धाम कपाट खुलने के बाद सोमवार को नृसिंह मंदिर में हुई पूजा-अर्चना

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने को लेकर सोमवार को नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद धार्मिक प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं। इसके तहत सोमवार को गाडू

तेल कलश नृसिंह मंदिर जोशीमठ से डिम्मर गांव के लिये रवाना हो गया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने परम्परा के तहत तेल कलश डिमरी पंचायत प्रतिनिधि राकेश डिमरी और अरुण डिमरी को सौंप दिया है।

बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड और बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन उनियाल ने बताया कि सोमवार को नृसिंह मंदिर जोशीमठ में पूजा अर्चना के बाद गाडू घड़ा तेल कलश डिमरी पंचायत को सौंप दिया गया है। तेल कलश यात्रा सोमवार को डिम्मर गांव पहुंची। जहां से चार फरवरी को डिमरी पंचायत के प्रतिनिधि तेल कलश को लेकर ऋषिकेश पहुंचेंगे वहीं पांच फरवरी को बसंत पंचमी के पर्व पर नरेंद्र नगर राज दरबार में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही भगवान नारायण के श्रृंगार के लिये राज दरबार में निकाले जाने वाले तिल को पिरोने की तिथि भी निर्धारित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि एक मार्च शिवरात्रि के पर्व पर निर्धारित की जाएगी। जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरा के अनुसार तीन मई को अक्षय तृतीया के पर्व पर खुलेंगे।