दिल्ली सरकार ने कोरोना मरीज के लिए उठाया ये खास कदम

कोरोना के मरीजों की देखभाल के लिए हाल ही में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। इसके तहत किसी मरीज की रिपोर्ट पाजिटिव आने के आधे घंटे में कोविड सेंटर (काल सेंटर) से मरीज के पास काल करना अनिवार्य है। कोविड सेंटर के कर्मचारी काल कर के मरीज का हाल लेंगे। इस दौरान किसी मरीज में मध्यम और गंभीर लक्षण की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य कर्मियों की टीम एक घंटे में मरीज के घर पहुंचकर जरूरत के अनुसार कोविड केयर सेंटर या अस्पताल में भर्ती कराएगी।

इसके अलावा अन्य कोरोना पाजिटिव मरीजों के घर चार घंटे के भीतर स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को पहुंचने का निर्देश दिया गया है। ताकि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की बेहतर देखभाल हो सके। स्वास्थ्य कर्मियों की टीम मरीजों के घर पहुंचकर उनका हाल लेगी। इस दौरान किसी मरीज के घर होम आइसोलेशन की व्यवस्था ठीक नहीं होने पर कोविड केयर सेंटर या कोविड हेल्थ सेंटर में भर्ती कराएगी।

उधर बारिश और मौसम खराब होने के कारण दिल्ली में शनिवार को टीकाकरण की रफ्तार कम रही। इससे शनिवार को देर शाम तक 74 हजार 171 लोगों ने ही टीका लिया, जो पिछले छह दिनों में सबसे कम है। हाल के दिनों में प्रतिदिन औसतन एक लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण होता है। एक दिन पहले भी 91 हजार से अधिक लोगों ने टीका लिया था। शनिवार को 31,791 लोगों को टीके की पहली डोज, 32,385 लोगों को टीके की दूसरी डोज व 9995 स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों व पुरानी बीमारियों से पीडि़त बुजुर्गों को टीके की दूसरी डोज दी गई।

पहली डोज लेने वालों में 14,097 किशोर हैं। इसलिए दिल्ली में 15 से 18 साल की उम्र के अब तक कुल 74.10 प्रतिशत किशोरों को टीके की पहली डोज दी जा चुकी है। आरजीआइ (रजिस्ट्रार जनरल आफ इंडिया) द्वारा स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में 15 से 18 साल की उम्र के करीब 10 लाख किशोर हैं, जिन्हें कोरोना का टीका लगाया जाना है। इनमें से अब तक 7 लाख 41 हजार 59 किशोरों को टीके की पहली डोज दी जा चुकी है।