कहा जाता है कि बैंकिंग दिग्गज जेपी मॉर्गन चेस और पीएनसी फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप ने फर्स्ट रिपब्लिक बैंक को खरीदने के लिए बोली लगाई थी। सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि सरकार संकटग्रस्त उधारदाताओं को जब्त करने के बाद ऐसा करेगी।

उन्होंने कहा कि सैन फ्रांसिस्को स्थित फर्स्ट रिपब्लिक की जब्ती और बिक्री इस सप्ताह के अंत तक पूरी होने की संभावना है। यदि बैंक को रिसीवरशिप में जाना होता है, तो यह पिछले महीने से ऐसा करने वाला तीसरा अमेरिकी बैंक होगा। न्यूयार्क में शुक्रवार को हुए कारोबार के दौरान फर्स्ट रिपब्लिक बैंक के शेयरों में 54 फीसदी तक की गिरावट आई। अमेरिकी नियामकों द्वारा बैंक को जब्त किए जाने की रिपोर्ट पर स्टॉक गैप हो गया। इस साल स्टॉक में 97 प्रतिशत की तेज पूंजी हानि देखी गई है। शुक्रवार को बैंक का शेयर 43 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ था। इसने $ 2.99 का रिकॉर्ड निचला स्तर दिखाया। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी नियामक एएफडीआईसी ने जेपी मॉर्गन और पीएनसी फाइनेंशियल सहित बैंकों को फर्स्ट रिपब्लिक बैंक के लिए रविवार तक बोली लगाने का मौका दिया है। एफडीआईसी ने गुरुवार की रात इन बैंकों से संपर्क किया था ताकि फर्स्ट रिपब्लिक खरीदने में उनकी रुचि और प्रस्तावित कीमत और अनुमानित लागत जैसे विवरण मिल सकें। सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शुक्रवार को बोली के आधार पर, नियामक ने बोली प्रक्रिया के दूसरे चरण के लिए कम से कम दो बैंकों को आमंत्रित किया है।