जानें ये जड़ी-बूटियाँ तनाव और चिंता को कम करने में कैसे मदद कर सकती हैं

हम सभी जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं। ऐसे में आपको अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है। क्योंकि ज्यादा स्ट्रेस लेने से कई लोग डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं।

मजेदार गतिविधि, व्यायाम और सबसे महत्वपूर्ण पौष्टिक भोजन तनाव को कम करने में आपकी मदद कर सकता है। बात सिर्फ चाय और कॉफी की नहीं है, कुछ खाद्य पदार्थ आपके दिमाग को शांत करने में मदद करते हैं। इसमें अश्वगंधा और तुलसी
जड़ी-बूटियाँ
(जड़ी-बूटियाँ) भी शामिल हैं। आइए जानें कि ये जड़ी-बूटियाँ (तनाव और चिंता) तनाव को कम करने में कैसे मदद कर सकती हैं और उनका उपयोग कैसे करें।

अश्वगंधा

अश्वगंधा को सबसे अच्छी जड़ी बूटियों में से एक माना जा सकता है। यह शारीरिक और भावनात्मक तनाव से निपटने में मदद करता है। इंडियन जर्नल ऑफ साइकोलॉजिकल मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, यह जड़ी बूटी स्ट्रेस हार्मोन, कोर्टिसोल के स्तर को कम करने में कारगर है। स्ट्रेस हार्मोन्स के बढ़ने से किसी न किसी वजह से तनाव महसूस होने लगता है। यह तब अन्य हार्मोन में असंतुलन पैदा करता है। इस जड़ी बूटी के नियमित सेवन से व्यक्ति तनाव कम और मानसिक रूप से शांत महसूस करता है। इसके लिए 1 कप दूध उबालें और उसमें आधा चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाएं। रात को सोने से करीब आधा घंटा पहले इसका सेवन करें।

लैवेंडर

लैवेंडर का उपयोग सदियों से इसकी शांत और ताज़ा सुगंध के कारण चिंता और घबराहट के प्राकृतिक उपचार के रूप में किया जाता रहा है। इस सुगंधित जड़ी बूटी का उपयोग आमतौर पर अरोमाथेरेपी के लिए किया जाता है। स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार इसके सुगंधित तेल से शरीर की मालिश करने से चिंता का स्तर कम होता है। सकारात्मक महसूस करने के लिए आप लैवेंडर के तेल का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए एक बर्तन में 1 कप पानी उबाल लें। इसमें 2 से 4 बूंद लैवेंडर के तेल की मिलाएं। वाष्पों को अंदर लें। इससे आपको तनाव का स्तर कम महसूस होगा।

जीरा

जीरे का इस्तेमाल लगभग हर घर में खाने में अधिक सुगंध के लिए किया जाता है। भारत में लगभग सभी प्रकार की करी में इस मसाले का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। आयरन से भरपूर जीरे के कई फायदे हैं। यह न सिर्फ वजन कम करने में मदद करता है बल्कि तनाव को दूर करने में भी मदद करता है। इसके लिए एक कटोरी में एक कप पानी उबाल लें। आधा चम्मच जीरा लें और इसे उबलते पानी में डाल दें। इसे 2 मिनट तक पकने दें और सुबह-सुबह जीरे का पानी पी लें।

तुलसी

भारतीय घरों में तुलसी का पौधा आसानी से मिल जाता है। यदि कोई व्यक्ति पुराने तनाव से पीड़ित है, तो तुलसी का सेवन उसे शांत करने में मदद कर सकता है। क्‍योंकि यह हर्बल पौधा एंटीऑक्‍सीडेंट से भरपूर होता है। यह फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को रोकता है। आयुर्वेद में मानसिक और शारीरिक तनाव से लड़ने के लिए नियमित रूप से तुलसी का उपयोग करने का सुझाव दिया गया है। वहीं, हेल्थ रिपोर्ट्स के मुताबिक चिंता और तनाव के इलाज में तुलसी कारगर है। इसके लिए आधा कप पानी में 3-5 तुलसी के पत्ते डाल दें। 5-7 मिनट तक उबालें, फिर नींबू का रस डालें। बेहतर महसूस करने के लिए इसे पिएं।