ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल को आत्मविश्वास और मुखरता का कारक माना जाता है और शुक्र को स्वाभिमान, धन-यश का कारक माना जाता है। ऐसी स्थिति में मंगल और शुक्र एक साथ हों तो व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। साथ ही समाज में मान-सम्मान में वृद्धि के साथ सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

इस राशि के लोगों को मंगल और शुक्र की युति से लाभ हो सकता है

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शुक्र और मंगल दोनों ही इस राशि में तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में इस राशि के लोग दोस्तों और परिवार के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। आपको हर क्षेत्र में सफलता मिल सकती है। भाई बहनों से प्रेम बढ़ेगा। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को भी सफलता मिल सकती है। इससे जातक को नौकरी और व्यवसाय में अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

 

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शुक्र और मंगल दोनों इस राशि में दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को सुख-समृद्धि, धन-समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। प्रेम जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, नौकरी की स्थिति भी अच्छी हो सकती है। आपका काम देखकर उच्च अधिकारी से प्रोत्साहन मिल सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत हो सकता है।

कन्या

इस राशि की बात करें तो शुक्र दशम भाव में गोचर करेगा और अष्टम भाव में मंगल विराजमान है। ऐसे में इस राशि के लोगों को नौकरी और व्यापार में कई लाभ मिल सकते हैं। लंबे समय से रुका हुआ काम शुरू हो सकता है। मेहनत का पूरा फल आपको मिल सकता है। लोगों को व्यापार में आगे बढ़ने का अवसर भी मिल सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा।