ईरान परमाणु समझौते को लेकर राजनयिकों ने दी चेतावनी

विएना, 7 अगस्त | ईरान परमाणु समझौते पर बातचीत करने ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना आए राजनयिकों ने अधिक मांगें रखने और समझौते पर ध्यान न देने को लेकर चेतावनी दी। समाचार एजेंसी डीपीए की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन ने कहा कि यह समझौता होगा या नहीं, ये वाशिंगटन पर निर्भर करता है।

उन्होंने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से फोन पर बात करते हुए कहा, अमेरिका को ईरान के रचनात्मक प्रस्तावों पर व्यावहारिक प्रतिक्रिया दिखानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि तेहरान में चल रही बातचीत में वह मजबूत और स्थिर समझौते पर पहुंचने के अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है।

वार्ता के तीसरे दिन यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अमेरिका और ईरान के बीच मतभेदों को सुलझाने और 2015 के समझौते को बहाल करने को लेकर क्या बातें हुई है।

ईरान और छह अन्य पक्षों के बीच चीन, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस और अमेरिका के बीच महीनों तक गतिरोध रहने के बाद, ईरान के 2015 के परमाणु समझौते को बहाल करने के प्रयास चल रहे हैं।

दरअसल, ईरान ने परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसे औपचारिक रूप से संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) के रूप में जाना जाता है।

जेसीपीओए के तहत, जुलाई 2015 में हुए इस समझौते में अमेरिका समेत कई शक्तिशाली देश शामिल थे। इस समझौते के तहत ईरान के परमाणु विकास कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाकर बदले में उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में कुछ छूट दी जानी थी।

मई 2018 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते से अमेरिका को निकाल लिया और ईरान पर एकतरफा प्रतिबंध लगा दिए।

समझौते को बहाल करने के लिए अप्रैल 2021 से ईरान और जेसीपीओए पार्टियों के बीच वियना में कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं।