आंध्र प्रदेश बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट द्वारा बुधवार को 11वीं और 12वीं के नतीजे घोषित किए जाने के बाद राज्य में कुल नौ छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। बताया जाता है कि दो अन्य छात्रों ने भी आत्महत्या का प्रयास किया। परीक्षा में कुल 10 लाख छात्र शामिल हुए थे। 11वीं का पास प्रतिशत 61 और 12वीं का पास प्रतिशत 72 फीसदी रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक बी. श्रीकाकुलम में तरुण नाम के एक छात्र ने ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली. जिले के दांदू गोपालपुरम गांव में 11वीं कक्षा के एक छात्र ने ज्यादातर पेपर में फेल होने के बाद अपनी जान दे दी। मलकापुरम के त्रिनदपुरम में एक 16 वर्षीय छात्र ने घर में आत्महत्या कर ली। विशाखापत्तनम के कंचनपालम के एक छात्र ने अपने घर में फांसी लगा ली। वह बारहवीं में फेल हो गया था। चित्तूर के 17 वर्षीय दो छात्रों ने भी परीक्षा में असफल होने के कारण आत्महत्या कर ली।

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छात्र आत्महत्या देश में एक बड़ी चिंता का विषय है। देश के चीफ जस्टिस भी इसके खिलाफ चिंता जता चुके हैं। पिछले फरवरी में, मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने छात्रों द्वारा आत्महत्या के मामलों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश के संस्थानों में ऐसा क्या हो रहा है कि छात्रों को अपनी जान देनी पड़ रही है?